मेडिकल में शुरू होगा एमफिल के बराबर का नया एम.मेड कोर्स

नई दिल्ली। मेडिकल स्टूडेंट्स जल्द ही मास्टर्स व एमफिल प्रोग्राम के समकक्ष एक नए कोर्स की पढ़ाई कर सकेंगे। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने दो वर्षीय मास्टर ऑफ मेडीसिन (एम.मेड) कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया है।
 
 
यह कोर्स मास्टर्स व एमफिल प्रोग्राम के साथ ही क्लीनिकल स्पेशलिटी के  क्षेत्र में चल रहे डिप्लोमा कोर्स के समकक्ष होगा। इस कोर्स के तहत पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों को बेसिक रिसर्च के बजाए क्लीनिकल स्किल के बारे में ज्यादा बताया जाएगा। एमसीआई ने यह प्रस्ताव अपने 'विजन 2015' के तहत तैयार किया है।

दरअसल एमसीआई ने इस कोर्स का प्रस्ताव देश भर में मेडिकल स्पेशलिस्ट की कमी को दूर करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत प्रथम स्तर पर कोर्स में प्रवेशित छात्रों को स्किल डेवलपमेंट व कम्युनिटी केयर के बारे में बताया जाएगा।  एम.मेड कोर्स के बाद छात्र अपनी पसंद के पांच डॉक्टरेट स्ट्रीम में से किसी एक का चयन कर सकेंगे।
 
यही नहीं एम.मेड के बाद स्नातक डॉक्टर ऑफ मेडीसिन (एमएड) या मास्टर ऑफ सर्जरी (एमएस) या फिर अन्य ड्यूल डिग्री प्रोग्राम जैसे एमएड-पीएचडी, एमएड-एमएचए, एमएड-डीएम व एमड-फैलोशिप के लिए पात्र माने जाएंगे। हालांकि डॉक्टरेट प्रोग्राम में  एम.मेड छात्रों को मेरिट के आधार पर ही प्रवेश दिया जाएगा।
 
इस नए प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य बेहतर डॉक्टरों की नई पौध पैदा करना है। इसके साथ ही देश में विशेषज्ञों की कमी को भी दूर करना है। जानकारी के अनुसार अभी जो दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स चल रहे हैं उनका ही नाम बदलकर एम.मेड किया जा रहा है।
 
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