सूर्य से ऊर्जा की खेती करने की नई तकनीक विकसित

बर्कले। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के केमेस्ट्री, केमिकल इंजीनियरिंग व मेटेरियल विभाग के वैज्ञानिकों ने सूर्य से ऊर्जा की खेती करने की नई तकनीक विकसित करने में सफलता पायी है।
 
शोधार्थियों का दावा है कि अभी तक सेमीकंडक्टर का उपयोग कर परंपरागत तरीके से जो ऊर्जा पैदा की जाती थी उससे यह नई तकनीकी काफी मजबूत है। इस नई तकनीक से सूर्य की किरणों को ऊर्जा में बदला जा सकेगा। नेचर नैनोटेक्नोलॉजी जर्नल में प्रकाशित शोधपत्र में शोधार्थियों ने लिखा है कि पिछले 70 साल से सेमीकंडक्टर आधारित सोलर कंवर्शन डिवाइस का उपयोग किया जाता रहा है लेकिन यह नई तकनीक काफी हद तक इसका विकल्प बन सकती है।

 
 
 
कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के केमिस्ट्री विभाग के प्रोफेसर मार्टिन मोस्कोविट्स के अनुसार पिछले कई सालों से फोटो प्रोसेसेस की जो परंपरागत तकनीक का उपयोग किया जाता रहा है उसमें सूर्य की किरणें सेमीकंडक्टर मेटेरियल से टकराती थी जिसके बाद ऊर्जा पैदा होने की प्रक्रिया शुरू होती थी।

लेकिन मोस्कोविट्स व उनकी टीम ने जो तकनीक विकसित की है उसमें नैनो स्ट्रक्चरर्ड मेटल्स का उपयोग किया गया जो एक तरह से गोल्ड नैनोरॉड का जंजाल है। इस शोध में प्लेटिनम नैनोपार्टिकल्स से सुसज्जित क्रिस्टलाइन टाइटेनियम डायआक्साइड से ढंकी गोल्ड नैनोरॉड्स को पानी में छोड़ा जाता है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान जो ऊर्जा का उत्पादन होता है वो वर्तमान में काफी महंगा है। लेकिन अगर परंपरागत तकनीक के लिहाज से देखे तो यह आने वाले समय में काफी फायदेमंद साबित होगा। 
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