12वीं के अंकों को बनाया जाएगा जेईई में प्रवेश का आधार

नई दिल्ली। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने आईआईटी में प्रवेश के इच्छुक छात्रों को मिली राहत दी है। आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में टॉप-20 परसेंटाइल की गणना में सिर्फ 12वीं के अंकों को ही आधार बनाया जाएगा। यह निर्णय आंध्रप्रदेश सहित उन राज्यों के छात्रों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है जहां इंटरमीडिएट के दो वर्षों के एग्रीगेट की व्यवस्था है।
 
गौरतलब है कि आंध्रप्रदेश में इंटरमीडिएट दो साल का है। दोनों वर्षों के परिणामों के आधार पर एग्रीगेट (परीक्षा परिणाम) तय होता है। जेईई-2013 की घोषणा के बाद कई छात्रों ने आंध्रप्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने चिंता जताई थी कि पहले साल की परीक्षा देते समय छात्रों को प्रस्तावित व्यवस्था के बारे में जानकारी ही नहीं थी। इससे आईआईटी में दाखिले के उनके अवसर प्रभावित हो सकते हैं।

पहला भाग आसान दूसरा कठिन
नई व्यवस्था के तहत सभी इंजीनियरिंग संस्थानों के लिए एक ही परीक्षा आयोजित की जा रही है। जेईई-मेन और जेईई-एडवांस्ड। जेईई-एडवांस्ड में सफल छात्रों को ही आईआईटी में दाखिला मिलेगा। लेकिन इसके लिए उन्हें अपने बोर्ड के टॉप-20 परसेंटाइल में शामिल होना होगा। एकल प्रवेश परीक्षा दो भागों में होगी। पहला भाग आसान तथा दूसरा कठिन होगा। दूसरे भाग में केवल उन्हीं उम्मीदवारों को शामिल होने की पात्रता होगी जो पहले भाग में उत्तीर्ण होंगे। परीक्षा का  पहला भाग जेईई-मैन तथा दूसरा जेईई-एडवांस है।
40 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य
पहले भाग में शामिल होने वाले उम्मीदवारों में से केवल 1 लाख 50 हजार का ही चयन दूसरे भाग के लिए किया जाएगा। जबकि आईआईटी में एडमिशन केवल दूसरे भाग जेईई-एडवांस में प्राप्त ऑल इंडिया रैंक के आधार पर ही मिलेगा। वहीं राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (एनआईटी) में प्रवेश के लिए उम्मीदवार को कक्षा बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में 40 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होगा। बाकी के 60 प्रतिशत अंक जेईई-मैन यानी पहले भाग की परीक्षा में लाने होंगे। परीक्षा का पहला भाग एआईईईई जितना सरल होगा जबकि दूसरा भाग आईआईटी के पुराने पैटर्न जितना कठिन रहेगा।

परीक्षा  पैटर्न
नए पैटर्न में कक्षा 12 वीं की बोर्ड परीक्षा के अंकों को विशेष महत्व दिया जाएगा। पहले भाग में मुख्य तथा दूसरे में एडवांस परीक्षा होगी। दोनों भागों में होने वाले टेस्ट के एक-एक प्रश्नपत्र होंगे जिनकी परीक्षा एक ही दिन ली जाएगी। आईआईटी के लिए कक्षा 12 वीं व मेन टेस्ट के अंकों को 50-50 प्रतिशत का महत्व दिया जाएगा। बोर्ड और मुख्य परीक्षा की मेरिट के आधार पर 1 लाख 50 हजार छात्रों को छांटा जाएगा तथा छात्रों का चयन रैंकिंग या कटऑफ के आधार पर किया जाएगा। आईआईटी के लिए बोर्ड परीक्षा के अंक और मेन टेस्ट के परिणाम सिर्फ छात्र की स्क्रीनिंग का काम करेंगे जबकि एडवांस टेस्ट मेरिट तय करेगा। वहीं एनाईटी, ट्रिपल आईटी,आईआईएसईआर जैसे केंद्रीय इंजीनियरिंग संस्थानों के लिए एडमिशन का दूसरा फार्मूला अपनाया जाएगा। इसमें तीनों हिस्सों को जोड़कर मेरिट बनाई जाएगी। कक्षा 12 वीं के 40 प्रतिशत अंक वालों को महत्व दिया जाएगा।

परीक्षा व परिणाम
जेईई (एडवांस) 2 जून 2013 को होगी तथा परिणाम 23 जून 2013 घोषित किया जाएगा। जबकि एनआईटी, आईआईआईटी सहित सभी केंद्र से अनुदान प्राप्त तकनीकी संस्थानों में प्रवेश के लिए जेईई (मेन) की ऑफलाइन परीक्षा 7 अप्रैल को व ऑनलाइन परीक्षा 8 अप्रैल से 25 अप्रैल के बीच आयोजित की जाएगी। जेईई (मेन) का पेपर दो भागों में होगा। पहला पेपर ऑफलाइन व ऑनलाइन दोनों ही तरीके से होगा। यह आवेदकों पर निर्भर करेगा कि वो किस तरीके से पेपर देना चाहते हैं। जबकि दूसरा पेपर ऑफलाइन ही होगा। पहले पेपर में फिजिक्स, मैथ्स व केमेस्ट्री के प्रश्न पूछे जाएंगे। वहीं दूसरे पेपर में गणित, एप्टिट्यूड व ड्राइंग टेस्ट विषय से संबंधित प्रश्न आएंगे। परीक्षा का परिणाम 7 मई 2013 को घोषित किया जाएगा।
 
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