पढ़ाने के तरीकों में नवाचार लाएगी इनोवेशन यूनिवर्सिटी

नई दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने पढ़ाने के तरीकों के साथ ही डिग्री व कोर्स में नवाचार लाने के लिए इनोवेशन यूनिवर्सिटी योजना शुरू की है। इस योजना के तहत विश्वविद्यालयों को पढ़ाने के तरीकों में नवाचार लाना होगा।
 
डिग्री व कोर्स में नवाचार का उपयोग करने के साथ ही कैरीकुलम में भी नवाचार का प्रयोग करना होगा। नए तरह के टीचिंग लर्निंग मटेरियल लांच करने होंगे तथा टीचिंग प्रोग्राम का अंतर्राष्ट्रीयकरण करने में नवाचार तकनीक का उपयोग करना होगा। इसके अलावा स्थानीय जरूरतों को पूरा करने वाले अनुसंधान शुरू करने के साथ-साथ प्रवेश प्रक्रिया में भी प्रणाली का उपयोग करना होगा। यही नहीं छात्रों की निर्णय क्षमता विकसित करने के लिए नई तकनीक को विकसित करने के साथ ही अनुदान की राशि के खर्चे में पारदर्शिता के लिए नवाचार तकनीक का उपयोग करना होगा।
 
300 करोड़ तक का अनुदान
इस योजना के तहत यूजीसी विश्वविद्यालयों को न्यूनतम 25 करोड़ से लेकर 300 करोड़ रुपऐ तक का अनुदान देगा। यह अनुदान तीन केटेगरी में विभाजित किया गया है। पहली केटेगरी के अंतर्गत विश्वविद्यालय को इनोवेटिव प्रोजेक्ट शुरू करना होगा जिसके लिए 25 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा जिसकी समय सीमा 5 साल की होगी। यह प्रोजेक्ट विश्वविद्यालय के एक विभाग या एक फैकल्टी को ही शामिल किया जाएगा।
 
इनोवेटिव प्रोग्राम ज़रूरी
दूसरी केटेगरी के तहत विश्वविद्यालय को इनोवेटिव प्रोग्राम (नवाचार कार्यक्रम) संचालित करना होगा। इसके लिए अनुदान की राशि 25 से 100 करोड़ रुपए तक निर्धारित की गई है। इस केटेगरी में एक से ज्यादा विभाग व फैकल्टी को शामिल कर सकेंगे। वहीं तीसरी केटगरी इनोवेशन यूनिवर्सिटी नाम से होगी। इस केटगरी के अतंर्गत विश्वविद्यालय को 100 से 300 करोड़ रुपए तक का अनुदान मिलेगा। यह दर्जा पाने वाली यूनिवर्सिटी को अनुसंधान व फैकल्टी पर विशेष ध्यान देना होगा।
 
मूल्यांकन करेगी स्टैंडिंग कमेटी
इस योजना के लिए विश्वविद्यालयों के तरफ से आने वाले प्रस्ताव का मूल्यांकन एक स्टैंडिंग कमेटी करेगी। मूल्यांकन के बाद ही यूनिवर्सिटी को योजना के लिए पात्र माना जाएगा। यह कमेटी यूनिवर्सिटी को दिऐ जाने वाले अनुदान की मॉनीटरिंग करेगी। यूजीसी की इस योजना के तहत 12 वीं पंचवर्षीय योजना में पात्र विश्वविद्यालय को योजना के लिए न्यूनतम 25 करोड़ से लेकर अधिकतम 300 करोड़ रुपए तक का अनुदान मिलना है। लेकिन यूजीसी ने इस योजना के लिए  विश्वविद्यालयों के पास नैक की 'ए" ग्रेडिंग होना अनिवार्य किया है।
 

यह करना होगा इनोवेशन यूनिवर्सिटी के लिए
- पढ़ाने के तरीकों में नवाचार लाना होगा।
- डिग्री व कोर्स में नवाचार का उपयोग करना होगा।
- कैरीकुलम में नवाचार का प्रयोग करना होगा।
- नए तरह के टीचिंग लर्निंग मटेरियल लांच करने होंगे।
- टीचिंग प्रोग्राम का अंतर्राष्ट्रीयकरण करने में नवाचार तकनीक का उपयोग।
- स्थानीय जरूरतों को पूरा करने वाले अनुसंधान शुरू करना।
- प्रवेश प्रक्रिया में नवाचार प्रणाली का उपयोग करना।
- छात्रों की निर्णय क्षमता विकसित करने के लिए नई तकनीक को विकसित करना।
- अनुदान की राशि के खर्चे में पारदर्शिता के लिए नवाचार तकनीक का उपयोग करना।
 
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