मेडिकल प्रेक्टिस के लिए देनी होगी इंडियन मेडिकल ग्रेजुएट लायसेंस परीक्षा

नई दिल्ली। देश में मेडिकल प्रेक्टिस के लिए अब मेडिकल स्नातकों को इंडियन मेडिकल ग्रेजुएट लायसेंस परीक्षा देनी होगी। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने अपने 'विजन 2015" के तहत इसका प्रस्ताव तैयार किया है।
 
एमसीआई द्वारा इंडियन मेडिकल ग्रेजुएट (आईएमजी) लायसेंसिएट एक्जामिनेशन आयोजित किया जाएगा। यह परीक्षा आगामी अप्रैल 2013 में होगी। खासकर विदेशी कॉलेज से मेडिकल की पढ़ाई करने वाले ऐसे स्नातक जो भारत में प्रेक्टिस करना चाहते हैं उन्हें भी इस एक्जाम में शामिल होना जरूरी होगा।
 
योग्यता बढ़ेगी
माना जा रहा है कि यह परीक्षा डॉक्टरों के स्किल डेवलपमेंट के साथ ही उनकी योग्यता को भी बढ़ाने में मददगार साबित होगी। एमसीआई के 'विजन 2015" के तहत प्रस्तावित इस अंडरग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन प्रोग्राम का उद्देश्य भारतीय मेडिकल स्नातकों में नॉलेज, स्किल्स व एटीट्यूड को बढ़ाना है, ताकि वे भारत व विश्व में बेहतर काम कर पाए।
 
2017 के बाद अनिवार्य
यह परीक्षा वर्ष 2017 तक वैकल्पिक रहेगी लेकिन उसके बाद अनिवार्य हो जाएगी। परीक्षा पैटर्न पूरी तरह ऑनलाइन होगा। इसमें ज्यादातर प्रश्न स्टेटिक इमेजेस, ऑडियो व वीडियो क्लिपिंग पर आधारित होंगे। प्रश्न या तो वैकल्पिक होंगे या फिर सत्य/असत्य पर आधारित होंगे। प्रत्येक सही उत्तर पर एक अंक निर्धारित होगा। गलत उत्तर पर नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी।
 
परीक्षा चार सत्रों में
इस परीक्षा में वे विद्यार्थी शामिल हो सकेंगे जिनकी इंटर्नशिप मार्च 2013 के बाद पूरी हो चुकी होगी। परीक्षा चार सत्रों में आयोजित की जाएगी। तीन घंटे के पेपर में एक या एक से अधिक पेपर पूछे जा सकते हैं। इस परीक्षा में लगभग 35 से 40 हजार मेडिकल स्नातक शामिल होने की संभावना है।  
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