बिना फील्ड अनुभव पढ़ा रहे मेकेनिकल इंजीनियरिंग

भोपाल। मध्य प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में मेकेनिकल इंजीनियरिंग पढ़ा रहे 53.25 फीसदी शिक्षकों को फील्ड व इंडस्ट्री का अनुभव नहीं है। जबकि 22 फीसदी को महज शून्य से दो साल तक का ही अनुभव है। केवल 8.04 फीसदी शिक्षक ही ऐसे हैं जिन्हें 2 से 5 वर्ष का अनुभव है।
 
यही नहीं प्रदेश के सर्वाधिक 38.39 फीसदी मेकेनिकल इंजीनियरिंग के शिक्षक ऐसे हैं जिन्हें महज 5 या उससे कम साल का टीचिंग अनुभव है। 25 से 30 साल तथा 45 से 50 साल के बीच के अनुभव रखने वाले शिक्षकों का प्रतिशत मात्र 0.89 है। यह स्थिति है प्रदेश के इंजीनियरिंग खासकर निजी संस्थानों के मे के निकल इंजीनियरिंग शिक्षकों  के शैक्षणिक अनुभव की। 
 
यह खुलासा राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईटीटीटीआर) के 'जर्नल ऑफ इंजीनियरिंग साइंस एंड मैनेजमेंट एज्यूकेशन" में प्रकाशित शोधपत्र में हुआ है। इस शोधपत्र के लेखक हैं एनआईटीटीटीआर के ही इलेक्ट्रानिक मीडिया विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ.सीके चुग व सिविल एवं एन्वायरोन्मेंट इंजीनियरिंग विभाग के प्राध्यापक डॉ.आरके दीक्षित।
 
 शोधार्थियों ने यह निष्कर्ष भोपाल, जबलपुर व विदिशा स्थित 11 निजी इंजीनियरिंग संस्थानों में संचालित मेकेनिकल इंजीनियरिंग के 112 शिक्षकों पर किए गए सर्वेनुमा अध्ययन में निकाला है। इस अध्ययन में शिक्षकों के पदों के अनुसार उनकी शैक्षणिक योग्यता तथा फील्ड व इंडस्ट्रीज के अनुभवों की स्थिति का जायजा लिया गया है। लिंग अ नुपात के अनुसार मेकेनिकल इंजीनियरिंग में पुरुष शिक्षकों का प्रतिशत 74.11 व महिला शिक्षकों का मात्र 25.89 फीसदी है। महिला शिक्षकों का प्रतिशत  किसी भी आर्ट्स व कॉमर्स कॉलेजों के मुकाबले काफी कम है। 
 
 
शोधपत्र के अनुसार भारत में तकनीकी शिक्षा का काफी विस्तार हुआ है। 1947 में केवल 38 डिग्री संस्थान थे तथा इंटेक मात्र 2500 था। लेकिन अगस्त 2008 तक देश में 2388 संस्थान हो गए थे तथा इंटेक बढ़कर 8 लाख 41 हजार 018 हो गया था। अकेले मध्यप्रदेश में वर्ष 2009 तक 208 संस्थान व इंटेक 71 हजार था।
 
लेकिन अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा गठित नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रेडिशन (एनबीए) के अनुसार मध्यप्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता काफी खराब पायी गई है। एनबीए के पैरामीटर के अनुसार शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता का मूल्यांकन 40 अंक तक होना चाहिए जबकि प्रदेश के शिक्षकों का पैरामीटर केवल 25.07 अंक है। अध्ययन में तकनीकी शिक्षकों को शैक्षणिक योग्यता तथा फील्ड व इंडस्ट्री अनुभव बढ़ाने के लिए प्रेरित करने की सलाह दी गई है। 
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