राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) भोपाल अपने छात्रों सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) के क्षेत्र में नई क्रांति मानी जाने वाली टेक्नोलॉजी क्लाउड कम्प्यूटिंगमें को अपडेट करने जा रहा है।  सत्र 2013-14 से आरजीपीवी क्लाउड कम्प्यूटिंग टेक्नोलॉजी को मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन, आईटी व कंप्यूटर साइंस जैसे कोर्स में शामिल करने जा रहा है।">

आरजीपीवी ने क्लाउड कम्प्यूटिंग को जोड़ा सिलेबस में

भोपाल। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) भोपाल अपने छात्रों सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) के क्षेत्र में नई क्रांति मानी जाने वाली टेक्नोलॉजी क्लाउड कम्प्यूटिंग में को अपडेट करने जा रहा है।  सत्र 2013-14 से आरजीपीवी क्लाउड कम्प्यूटिंग टेक्नोलॉजी को मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन, आईटी व कंप्यूटर साइंस जैसे कोर्स में शामिल करने जा रहा है।
 
क्लाउड कम्प्यूटिंग टेक्नोलॉजी कोर्स का सिलेबस आरजीपीवी के साथ ही ईएमसी, आईबीएम व बिरला सॉफ्ट जैसी संस्थाएं मिलकर करेंगी।  पिछले दिनों इसे लेकर हुई बोर्ड ऑफ स्टडी की बैठक में इस पर सहमति बन गई है। वहीं क्लाउड कम्प्यूटिंग टेक्नोलॉजी में छात्रों को अपडेट करने ईएमसी संस्था द्वारा किया जाएगा।  इसके लिए आरजीपीवी व ईएमसी के बीच करार हुआ है। 
 
इस करार के तहत ईएमसी आरजीपीवी को सूचना भण्डारण तथा प्रबंधन, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज, बेकअप रिकवरी सिस्टम, आर्किटेक्चर एंड डाटा साइंस तथा बिग डाटा एनालिसिस के क्षेत्र में जानकारी से अपडेट करेगी। विवि इस सुविधा से उद्योगों की नवीनतम टेक्नोलॉजी के अनुरूप खुद को तैयार कर सकेगा। इनके अलावा ईएमसी आरजीपीवी के यूटीडी व संबद्ध कॉलेजों की फैकल्टीज को क्लाउड कम्प्यूटिंग में प्रशिक्षण देने के साथ ही सिलेबस के लिए पाठ्यसामग्री विकसित करने में मदद करेगी।
 
आरजीपीवी के आरजीपीवी के स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी के एचओडी  के एचओडी डॉ. संजीव शर्मा ने एजुकेशन हेराल्ड को बताया कि क्लाउड कम्प्यूटिंग टेक्नोलॉजी भविष्य में नए रोजगार निर्मित करेगी। माना जा रहा है कि वर्ष 2015 तक करीब 1 लाख रोजगार निर्मित होंगे। खुद ईएमसी 2014 तक भारत में 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर निवेश करने की योजना बना रही है। हालांकि खुद आईटी क्षेत्र में काम कर रहे अधिकांश लोगों को इस टेक्नोलॉजी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।
 
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