प्रो.पीयूष त्रिवेदी

मध्यप्रदेश की एकमात्र टेक्निकल यूनिवर्सिटी राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) भोपाल शोध व अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए कई नई योजनाओं पर एक साथ काम कर रहा है। आरजीपीवी के कुलपति प्रो.पीयूष त्रिवेदी ने यूनिवर्सिटी की छात्र हित में शुरू की जाने वाली भावी योजनाओं को एजुकेशन हेराल्ड (ईएच) के साथ खुलकर साझा किया। पेश है उनके साथ हुई चर्चा के कुछ अंश-
 

ईएच: शोध व अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए यूनिवर्सिटी अपने स्तर पर क्या कर रही है ?
 

प्रो.त्रिवेदी:
आरजीपीवी अपने आगामी एजेंडे में शोध व अनुसंधान कार्यों पर विशेष ध्यान दे रहा है। इसमें नवाचार सबसे ज्याद अहम है। आरजीपीवी के यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट्स में जितने भी प्रोफेसर रिसर्च गाइड हैं उन्हें एक-एक रिचर्स स्कॉलर उपलब्ध कराया जाएगा। इन रिसर्च स्कॉलर्स को बकायदा सीएसआईआर जितनी स्कॉलरशिप भी दी जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य नवाचार के साथ ही शोध व अनुसंधान को भी  बढ़ावा देना है।

ईएच: छात्रों का रुझान रिसर्च में बढ़े इसके लिए यूनिवर्सिटी क्या कोई नई योजना लागू करने पर विचार कर रही है ?
 

प्रो.त्रिवेदी:
हां, शोध व अनुसंधान के प्रति छात्रों का रुझान बढ़ाने के लिए आरजीपीवी विषयवार बेस्ट शोधपत्र प्रकाशन व बेस्ट प्रोजेक्ट के लिए नया अवार्ड शुरू करने जा रही है। आरजीपीवी ने इसे अपने ऐजेंडे मे शामिल किया है। संबद्ध कॉलेजों के छात्रों से विषयवार शोधपत्र आमंत्रित किए जाएंगे। प्रत्येक विषय में जो शोधपत्र श्रेष्ठ होगा उसे बेस्ट शोधपत्र का अवार्ड दिया जाएगा। इस शोधपत्र की स्क्रूटनी के लिए विषय विशेषज्ञों की एक पूरी ज्यूरी बैठेगी जो शोधपत्र के कंटेट के हिसाब से उसका चयन करेगी। इसी तर्ज पर आरजीपीवी बेस्ट प्रोजेक्ट के लिए अवार्ड शुरू करने जा रहा है। इसके अंतर्गत आरजीपीवी संबद्ध कॉलेजों के छात्रों के लिए एक प्रतियोगिता आयोजित करेगा। इस प्रतियोगिता में विषयवार छात्रों को लाइव प्रोजेक्ट बनाने होंगे। जो बेस्ट प्रोजेक्ट होगा उसे पुरुस्कृत किया जाएगा। साथ ही आरजीपीवी केंपस में बनने वाले टेक्नोलॉजी पार्क में इन प्रोजेक्ट को प्रदर्शन के लिए भी रखा जाएगा। 

ईएच: पढ़ाने के तरीकों को लेकर आजकल नई तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। क्या आरजीपीवी भी इस दिशा में कोई पहल कर रहा है ?
 

प्रो.त्रिवेदी:
हां, बेशक। हम यूनिवर्सिटी में एक स्टुडियो बना रहे हैं। इस स्टुडिया में आरजीपीवी सहित देश भर के जाने माने प्रोफेसरों व विषय विशेषज्ञों के लेक्चर के वीडियो तैयार किए जाएंगे। इस काम के लिए बकायदा पूरी एक लैबोरेटरी बनाने की योजना है। इस स्टुडियों में जितने भी लेक्चरों की वीडियो रिकार्डिंग होगी वो छात्रों के सातों दिन 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे। इसका फायदा आरजीपीवी से संबद्ध कॉलेजों के साथ ही अन्य कॉलेजों के छात्रों को भी मिलेगा। यह योजना सुदूर अंचलों में स्थित कॉलेजों को ध्यान में रखते हुए शुरू की जा रही है।

ईएच: इस नए प्रयोग से छात्रों को और क्या-क्या फायदा होगा ?
 

प्रो.त्रिवेदी:
इस नए प्रयोग के तहत हमारी कोशिश है कि हम आईआईटी जैसे बड़े संस्थानों के प्रोफेसरों के व्याख्यान अपने छात्रों तक पहुंचाएं। आरजीपीवी में आईआईटी से विभिन्ना विषयों के कई बड़े प्रोफेसर  अकसर आते हैं। यहां स्टुडियो से इनके व्याख्यानों का लाइव टेलीकॉस्ट करने के साथ ही वीडियो रिकार्डिंग भी की जाएगी जो छात्र भी भी देख व सुन सकेंगे। इसके अलावा कोशिश की जा रही है कि एक साथ बारह छात्र एक प्रोफेसर से सीधे बातचीत कर अपने सवालों का समाधान कर सके।

ईएच: ई-लाइब्रेरी सुविधा के लिए भी क्या आरजीपीवी ने कोई पहल की है ?
 

प्रो.त्रिवेदी:
आरजीपीवी जल्द ही छात्रों को ई-लाइब्रेरी की सुविदा उपलब्ध कराने जा रहा है। अगले कुछ महीनों में ही यह सुविधा शुरू कर दी जाएगी। इसके तहत छात्रों को ई-बुक्स के साथ ही ई-जर्नल भी पढ़ने के लिए उपलब्ध रहेंगे।

ईएच: आरजीपीवी ने पिछले कुछ सालों में कई नए कोर्स शुरू किए हैं। क्या आगे भी कोई नया कोर्स शुरू करने की योजना है ?

प्रो.त्रिवेदी:
हां, आरजीपीवी जल्द ही 'डाटा साइंस" विषय में नया एमटेक कोर्स शुरू करने जा रहा है। नए सत्र से यह कोर्स शुरू हो जाएगा। यह कोर्स सेंट्रल डाटा स्टोरेज के क्षेत्र में बढ़ी मांग को देखते हुए शुरू किया जा रहा है। वर्तमान में इस कोर्स की काफी मांग है और भविष्य में भी इस कोर्स की मांग बढ़ेगी ही। यह कोर्स देश में अपने किस्म का पहला कोर्स होगा तथा आरजपीवी पहला विश्वविद्यालय होगा जो इस कोर्स को शुरू करेगा। इसके अलावा इसी साल से ईएमसी कारपोरेशन के साथ मिलकर कारपोरेट स्कूल भी शुरू करने की योजना है।
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