मध्य प्रदेश के मेडिकल कालेजों में पीजी पाठ्यक्रम में प्रवेश एनईईटी से

भोपाल। मध्य प्रदेश के मेडिकल कालेजों में पीजी पाठ्यक्रम में प्रवेश नेशनल इलिजीबिलिटी एग्जाम टेस्ट (एनईईटी) के माध्यम से होगा। इसके लिए शासन ने आदेश जारी कर दिए हैं। अब प्रदेश के मेडिकल कालेजों में पीजी की 50 प्रतिशत सीटों की काउंसलिंग राष्ट्रीय स्तर पर व शेष 50 प्रतिशत सीटों पर काउंसलिंग राज्य स्तर पर होगी। राज्य सरकार भी अपनी काउंसलिंग नीट द्वारा तैयार मैरिट लिस्ट पर करेगी।
 
गत वर्ष तक चिकित्सा शिक्षा विभाग  व्यापम के जरिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करता था। इसके बाद आल इंडिया कोटे को छोड़कर सभी सीटों पर खुद ही काउंसलिंग करता था। इस वर्ष से केन्द्र सरकार ने पीजी के लिए आल इंडिया स्तर की प्रवेश परीक्षा आयोजित करने का फैसला किया। शुरूआत में राज्य सरकार ने इसका विरोध किया, लेकिन बाद में वह नीट परीक्षा में शामिल होने पर राजी हो गई है।
 
डॉ.एनएम श्रीवास्तव, संयुक्त संचालक,चिकित्सा शिक्षा विभाग का कहना है कि नीट की प्रवेश परीक्षा के बाद तैयार होने वाली मेरिट लिस्ट के आधार पर ही काउंसलिंग में प्रवेश दिया जाएगा। प्रदेश के शासकीय मेडिकल कालेजों में 50 प्रतिशत सीटें आल इंडिया लेवल पर भरी जाएगीं,जिसमें देश के किसी भी राज्य के विद्यार्थी को मेरिट के आधार पर प्रवेश मिलेगा। शेष 50 प्रतिशत सीटों पर डोमीसाइल नियम लागू होगा,जिसके तहत चिकित्सा शिक्षा विभाग उन्हीं विद्यार्थियों को प्रवेश देगी, जो मध्यप्रदेश के मूल निवासी होंगे। निजी मेडिकल कालेजों में भी नीट के आधार पर प्रवेश होगा।
 
अभी तक 15 प्रतिशत एनआरआई सीटों को छोड़कर शेष 85 प्रतिशत सीटों में से आधी निजी कालेज अपने स्तर पर भरते थे और आधी सीटें राज्य सरकार द्वारा आयोजित काउंसलिंग से भरी जाती थीं। अब राज्य सरकार निजी मेडिकल कालेजों में अपने हिस्से की आधी सीटों को भरने के लिए भी नीट की मैरिट लिस्ट का उपयोग करेगी। उसी के आधार पर प्रवेश दिए जाएंगें।
 
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