एनएलआईयू डायरेक्टर प्रो.सिंह ने छोड़ा संस्थान, सूर्यप्रकाश को मिला प्रभार

भोपाल। राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय (एनएलआईयू) भोपाल  के डायरेक्टर प्रो.एसएस सिंह ने आखिरकर शनिवार 31 अगस्त को संस्थान को अलविदा कह दिया। लगातार बन रहे दबाव के बाद उन्होंने डायरेक्टर का प्रभार संस्थान के सीनियर प्रोफेसर डॉ. सूर्यप्रकाश को सौंप दिया है।

प्रो. सिंह 22 जून 2013 को अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद नए डायरेक्टर की नियुक्ति होने तक बतौर प्रभारी पद संभाल रहे थे। प्रो. सिंह का कहना है कि वे वापस अपनी मूल संस्था इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन नई दिल्ली (आईआईपीए) ज्वाइन करेंगे। प्रो. सिंह ने 22 जून 2008 को एनएलआईयू ज्वाइन किया था।

उल्लेखनीय है कि प्रो. सिंह का कार्यकाल समाप्त होने के बाद से नए डायरेक्टर की नियुक्ति को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई थी। जनरल काउंसिल की बैठक नहीं बुलाने के कारण नए डायरेक्टर का नाम तय करना अधर में लटका हुआ था।

सूत्रों के अनुसार प्रो. सिंह खुद अपना कार्यकाल बढ़ाने के लिए प्रयासरत थे इसीलिए बैठक बुलाने में देरी की जा रही थी। जनरल काउंसिल के सदस्य बैठक बुलाने में की जा रही देरी को लेकर नाराज थे।

गौरतलब है कि जनरल काउंसिल की 22 फरवरी 2013 को हुई बैठक में सदस्यों ने डायरेक्टर पद के लिए प्रो. सिंह  को दोबारा चयन करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। इसके बाद भी उनका नाम सामने आने पर वोटिंग कराने की बात कही थी।

प्रो. सिंह पर उनके कार्यकाल के दौरान समय-समय पर आर्थिक गड़बड़ियों व नियुक्ति में नियमों का पालन नहीं करने के आरोप लगते रहे हैं। इसे लेकर बाकायदा राज्य शासन से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक उनकी शिकायत की जा चुकी है।

यहां तक की नियुक्ति में आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं करने पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को भी शिकायती पत्र लिखा जा चुका है। इस बीच एनएलआईयू के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.योगेंद्र श्रीवास्तव को निकालने को लेकर भी वे लंबे समय से विवादों में घिरे हुए थे।

बताया जाता है कि ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इंडिया के सदस्य अजय दुबे ने नए डायरेक्टर के चयन में हो रही लेटलतीफी को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस केके लाहोटी को पत्र लिखा था, जिसके बाद ही प्रो. सिंह ने अपना इस्तीफा दिया है।

उनके इस्तीफे के बाद जल्द ही नए डायरेक्टर का नाम तय करने के लिए सामान्य परिषद की बैठक बुलायी जा सकती है। हालांकि तमाम विवादों के बीच प्रो. सिंह के कार्यकाल में एनएलआईयू को कई नई सौगातें मिली हैं तथा कई नए कोर्स शुरू किए गए हैं।

एलएलआईयू के नए डायरेक्टर की नियुक्ति के लिए सर्च कमेटी बन चुकी है। एनएलएसआईयू बैंगलोर के कुलपति डॉ.आर वेंकटराव की अध्यक्षता में बनी तीन सदस्यीय कमेटी 3 जून 2013 को ही डायरेक्टर का नाम तय कर सामान्य परिषद को सौंप चुकी है। इस कमेटी में एनएलयू जोधपुर के कुलपति जस्टिस एनएन माथुर व सीएनएलयू पटना के कुलपति डॉ.ए लक्ष्मीनाथ शामिल हैं।  
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