वाशिंगटन। संयुक्त राष्ट्र अमेरिका (यूएसए) के वाशिंगटन राज्य की विधान सभा में अंतर्राष्ट्रीय छात्रों की फीस में वृद्धि संबधी बिल का प्रस्ताव रखा है।
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वाशिंगटन राज्य बढ़ा सकता है विदेशी छात्रों की फीस

वाशिंगटन। संयुक्त राष्ट्र अमेरिका (यूएसए) के वाशिंगटन राज्य की विधान सभा में अंतर्राष्ट्रीय छात्रों की फीस में वृद्धि संबधी बिल का प्रस्ताव रखा है। प्रस्ताव में अकादमिक सत्र 2013-14 से वाशिंगटन के शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेने वाले अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को ट्यूशन फीस में 20 प्रतिशत अतिरिक्त अधिभार लगाने की बात कही गई है।

हालांकि स्थानीय मीडिया के अनुसार बिल को लेकर नई बहस छिड़ गई है। समर्थका का कहना है कि इससे अगले दो सालों में 60 मिलियन अमेरिकी डॉलर का फायदा होगा। जबकि शिक्षाविदों को डर है कि इससे राज्य में विदेशी छात्रों का आना कम हो जाएगा। वेस्टर्न वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष ब्रूस शेफर्ड के मुताबिक विदेशी छात्र पहले से ही दोगुनी फीस अदा कर रहे हैं।

विदेशी छात्रों को आकर्षित करने के लिहाज से अमेरिका का वाशिंगटन राज्य अन्य राज्यों की तुलना में 11 वें स्थान पर है। वर्ष 2012 में ही यहां 20 हजार से ज्यादा विदेशी छात्रों ने एडमिशन लिया था।

यह संख्या पिछले साल की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक थी। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को 533 अमेरिकी डॉलर का फायदा  हुआ था। देखा जाए तो विदेशी छात्र स्थानीय छात्रों की तुलना में तीन गुना फीस अदा कर रहे हैं।

वाशिंगटन यूनिवर्सिटी पर ही नजर डालें तो यहां पढ़ने वाले विदेशी छात्र वास्तविक फीस से कम से कम 6 हजार अमेरिकी डॉलर अधिक चुका रहे हैं। शिक्षाविदों के एक बड़े वर्ग के मुताबिक यदि इसी तरह फीस में वृद्धि की जाती रही तो वाशिंगटन राज्य में विदेशी छात्रों का आना कम हो जाएगा।

इससे सरकार को ही बड़ी आर्थिक हानी उठानी पड़ेगी। शिक्षाविदों ने इस बिल का विरोध करना शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि यदि यह बिल पारित हो जाता है तो अमेरिका में वाशिंगटन पहला राज्य होगा जहां विदेशी छात्रों से ट्यूशन फीस 20 प्रतिशत अधिक वसूली जाएगी। 

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