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जमीन की ओर पलायन कर रहे ध्रुवीय भालू

लंदन। ग्लोबल वार्मिंग का असर ध्रुवीय भालुओं पर पड़ रहा है। जलवायु के गर्माने के कारण जिस तेजी से बर्फ पिघल रही है ध्रुवीय भालुओं को मजबूरी में जमीन की ओर पलायन करना पड़ रहा है। 
ब्रिटिश अखबार द गार्जियन के ऑनलाइन संस्करण में प्रकाशित खबर के अनुसार ब्रिटिश इकोलॉजिकल सोसायटी इन द जर्नल ऑफ एनिमल इकोलॉजी के शोधार्थियों ने अपने अपने अध्ययन में पाया है कि कनाडा स्थित हडसन की खाड़ी के ध्रुवीय भालू गर्मियों में सागर की बर्फ पिघलने के कारण जमीन की ओर पलायन करने लगे हैं।
 
नवंबर के अंतिम व दिसंबर की शुरूआत तक यह बर्फ जमने तक यह अपने शरीर में जमा वसा से ही खुद को जीवित रखते हैं। सर्दी व वसंत के महीनों में यह सीलों का शिकार करने वापस जमे सागर में लौटते हैं। हालांकि अध्ययन में यह बात सामने आयी है कि ध्रुवीय भालू जमीन पर जल्दी आ रहे हैं और देरी से लौट रहे हैं
इसकी वजह पिछले कुछ सालों में जलवायु परिवर्तन के कारण बर्फ का तेजी से पिघलना है। देखने में यह भी आ रहा है कि लंबे समय तक भूखे रहने के कारण इनके स्वास्थ्य  में गिरावट आ रही है तथा प्रजनन पर भी फर्क पड़ा है। इन सबके चलते इनकी संख्या भी तेजी से कम होते जा रही है।
अध्ययन के दौरान इनकी मॉनीटरिंग में जानकारी सामने आयी है कि 1991 से लेकर 1997 के बीच तथा 2004 से लेकर 2009 के बीच मादा ध्रुवीय भालू  की संख्या तेजी से कम हुई है। 1990 में पश्चिमी हडसन खाड़ी में इनकी संख्या 900 के आसपास आ गई थी।  
 
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