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तापेदिक रोग बैक्टीरिया के कारण होता है

तापेदिक रोग बैक्टीरिया के कारण होता है।
हैजा रोग जीवाणु के कारण होता है।
चेचक बीमारी जीवाणु संक्रमण के कारण होती है।
बैक्टीरिया के कारण दूध खट्टा होता है।
दूध के दही के रूप में जमने का कारण है लैक्टोबैसिलस।
जंतुओं में होनी वाला रोग 'फुट एंड माउथ' विषाणु के कारण होता है।
'एथलीट फुट" नामक बीमारी कवक के कारण उत्पन्ना होती है।
सामान्य प्रयोग में आने वाला मसाला लौंग फूल की कली से प्राप्त होता है।
मानव  शरीर में अरू (जांघ) की हड्डी सबसे लंबी होती है।
मनुष्य के जीवन काम में 20 दांत दो बार विकसित होते हैं।
मानव शरीर में पाचन का अधिकांश भाग छोटी आंत में संपन्न होता है।
इंसुलिन पाचन एन्जाइम नहीं है।
लार में टायलिन एन्जाइम पाया जाता है।
मुख से निकली लार मण्ड का पाचन करती है।
मानव पेट में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल होता है।
आहार नाल में स्टार्च के पाचन में अंतिम उत्पाद है माल्टोज।
रक्त का शुद्धिकरण किडनी में होता है।
मानव शरीर में खून के शुद्धिकरण की प्रक्रिया को डायलेसिस कहते हैं।
रक्त में लाल रंग हीमोग्लाबिन के कारण होता है।
रक्त में पायी जाने वाली धातु लोहा है।
मानव शरीर में रूधिर बैंक का काम तिल्ली करता है।
शरीर में हीमोग्लोबिन का काम ऑक्सीजन का परिवहन करना है।
मानव  रक्त का पीएच मान 7.4 होता है।
मानव शरीर में लाल रक्त कण का निर्माण अस्थि मज्जा में होता है।
 
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