मध्य प्रदेश में मेडिकल की फीस ज़्यादा

भोपाल। फीस के मामले में मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेज अन्य राज्यों की तुलना में आगे हैं। मध्य प्रदेश में सरकारी मेडिकल की फीस 35 हजार, छत्तीसगढ़ में 20 हजार, उत्तर प्रदेश में 15 हजार, हिमाचल प्रदेश में 15 हजार और दिल्ली में 11 हजार रुपए है।

यह जानकारी तब सामने आई जब मध्य प्रदेश विधानसभा में उपनेता चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी व विधायक पारस सकलेचा ने इस मामले को उठाया। उन्होंने कहा कि शासकीय स्तर पर फीस तो ज्यादा है ही, निजी कॉलेज तो अनाप-शनाप वसूली कर रहे हैं। इंदौर के कॉलेज कितनी फीस ले रहे हैं, यह मसला कई विधायक पहले भी सदन में उठा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेज में सीटें बिकती हैं। शासकीय स्तर पर फीस तो ज्यादा है ही, निजी कॉलेज तो अनाप-शनाप वसूली कर रहे हैं। इंदौर के कॉलेज कितनी फीस ले रहे हैं। सकलेचा ने कहा कि डीमेट से चयनित स्टूडेंट्स जिन्होंने 2009 में 25-25 लाख रुपए देकर एडमिशन लिया था उनके कक्षा 12वीं में 50-60 प्रतिशत से ज्यादा अंक नहीं थे।

उन्होंने कहा कि डीमेट पर निजी कॉलेजों की बजाए राज्य सरकार का नियंत्रण होना चाहिए। सकलेचा ने कहा कि जिस तरह बेतरतीब इंजीनियरिंग कॉलेज खुले हैं, वैसी ही हालत मेडिकल की भी हो जाएगी। चर्चा में ताराचंद बावरिया, गिरजाशंकर शर्मा समेत अन्य विधायकों ने भी भाग लिया।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री अनूप मिश्रा ने जवाब में कहा कि डीमेट और पीएमटी से आधी-आधी सीटें भरे जाने की व्यवस्था है। जहां तक फीस का मामला है तो यह इस पर फीस नियामक आयोग नियंत्रण लगा सकती है।
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